Happy Guru Purnima Shayari Quotes Wishes

 

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥


हिन्दी भावार्थ: गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है, गुरु हि शंकर है; गुरु हि साक्षात् परब्रह्म है; उन सद्गुरु को प्रणाम ।
गुरु पूर्णिमा का नाम एक विरोधाभासी शब्द से लिया गया है, जिसमें ‘गु’ का अर्थ है अंधकार और ‘रु’ का अर्थ है अंधकार को दूर करना। इस प्रकार माना जाता है जो हमारे जीवन से अंधकार को दूर करता है,वही गुरु है ।


आमतौर पर गुरु पूर्णिमा का त्योहार जुलाई और अगस्त के महीनों के बीच  पूर्णिमा   के दिन होता है , इसलिए, हर साल गुरु पूर्णिमा की तारीख बदल जाती है। महाकाव्य महाभारत के रचयिता वेद व्यास के जन्म दिवस होने के कारण,वेद व्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है और व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
वेद व्यास लेखक होने के साथ-साथ हिंदू महाकाव्य महाभारत में एक पात्र थे।आदि शंकराचार्य, श्री रामानुज आचार्य और श्री माधवाचार्य हिंदू धर्म के कुछ उल्लेखनीय गुरु हैं।


आयोजन
व्यक्ति के जीवन में पहला गुरु आमतौर पर उनकी माता, पिता, या अभिभावक होते हैं, और उन्हें जीवन के सही मूल्यों को सिखाते हैं, गुरु पूर्णिमा पर, दिन की शुरुआत छात्रों द्वारा अपने गुरुओं को श्रद्धांजलि से होती है। अक्सर लोग अपने गुरुओं (गुरुओं) का सम्मान करने और उनका स्मरण करने के लिए अपने घरों में गुरु पूजा करते हैं।
शिक्षण संस्थानों में,  शिक्षकों को धन्यवाद देने के लिए नाटक, नृत्य और संगीत प्रदर्शन जैसे कई आयोजन किए जाते है । भारत में, अक्सर शिक्षक के प्रति सम्मान और प्यार को दर्शाने के लिए इसे मनाया जाता है


पौराणिक कथाये
2 प्रमुख समुदायों में यह त्योहार बहुत लोकप्रिय है, त्योहार से जुड़ी उनकी अपनी किंवदंतियाँ हैं।जैसे ;-
बौद्ध धर्म में, गुरु पूर्णिमा को महात्मा बुद्ध सम्मान में मनाया जाता है,बौद्धों का मानना ​​है कि पूर्णिमा के दिन, बुद्ध ने बोध गया में बोधि वृक्ष के नीचे आत्मज्ञान प्राप्त करने के बाद, सारनाथ शहर में अपना पहला धर्मोपदेश दिया। तब से, गुरु पूर्णिमा का त्योहार उनकी पूजा कर के मनाया जाता है।
हिंदू धर्म में, गुरु पूर्णिमा को भगवान शिव की पूजा कर के  मनाया जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने अपने सात अनुयायियों (सप्तऋषियों) को योग का ज्ञान प्रसारित किया और इस प्रकार वे गुरु बन गएऔर इस दिन पूजे जाने लगे ।


ज्योतिषीय महत्व –
 आषाढ़  पूर्णिमा काफी ज्योतिषीय महत्व रखता है। ज्योतिषियों का मानना ​​है कि पूर्णिमा के साथ मिथुन राशि में सूर्य होने के कारण यह सबसे अच्छा समय होता है।
ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को शिक्षक-ग्रह कहा जाता है!इसलिए भगवान बृहस्पति के उपासक भी ज्ञान और बुद्धि के ग्रह के  प्रार्थना करने के लिए गुरु पूर्णिमा को एक शुभ समय मानते हैं।


Happy Guru Purnima Shayari, Wishes, Quotes in Hindi

 

Happy Guru Purnima Shayari Quotes Wishes

Happy Guru Purnima Shayari Quotes Wishes in Hindi

 

 

गुरु है दीप, शिष्य है बाती
शिष्य एक साथ ,गुरु है साथी
गुरु प्रकाश, शिष्य उजियारा
गुरु की कृपा मिटा अँधियारा
हैप्पी गुरु पूर्णिमा

 


 

मानव मन बिन गुरु ज्ञान के
हो मयूर पर बिना प्राण के
गुरु की कृपा ,मिटे अँधियारा
ज्यूँ अंधियारी रात में तारा
हैप्पी गुरु पूर्णिमा

 


 

बिना प्रकाश रात ज्यूँ काली
बिन गुरु ज्ञान अमावस काली
बिन गुरु कृपा हूँ टुटा साज़
गुरु उपदेश,मिली आवाज़
हैप्पी गुरु पूर्णिमा

 


 

कच्चे मिटटी को भगवान बनाने वाले ,
नतमस्तक श्री गुरु चरण
मुझ पापी को इंसान बनाने वाले।
हैप्पी गुरु पूर्णिमा

 


 

तिमिर में अज्ञान के ढूंढता था रोशनी
ज्ञान का दीपक जलाकर गुरु ने दी जिंदगी
फर्श से अर्श पर गुरु ने पहुंचा दिया
आखरी सांस तक, गुरु की करूंगा बंदगी
हैप्पी गुरु पुर्णिमा

 


 

गुरु बिन ज्ञान कहां से लाऊं
गुरु बिन कहां मैं जाऊं
गुरु की कृपा गगन तक पहुंचा
गुरु की कृपा मोक्ष में पाऊं
शुभ गुरु पूर्णिमा

 


 

पहले गुरु को फिर भगवान
ईश्वर ने दी यह पहचान
हाथ पकड़ कर गुरु ने मेरे
मुझको दिया लक्ष्य का ज्ञान
गुरु पूर्णिमा की मुबारकबाद

 


 

गुरु बिन कौन हरे दुख मेंरो
बिन गुरु कौन दिखावे राह
गुरु ही माता पिता गुरु ही
रब का ज्ञान, गुरु की थाह
हैप्पी गुरु पुर्णिमा

 


 

अज्ञान के अंधेरों में, ज्ञान का दीपक जलाकर
हाथ मेरा थाम कर, लक्ष्य तक पहुंचा दिया
कौन मेरा मित्र है, कौन है दुश्मन मेरा
जिंदगी का अर्थ क्या, गुरु ने समझा दिया
गुरु पूर्णिमा शुभ हो

 


 

लक्षित पथ और इच्छित जीवन,
गुरु की कृपा से संभव
गहन तिमिर में ज्ञान प्रकाश
गुरु की कृपा का अनुभव
हैप्पी गुरु पूर्णिमा

 


 

एक गुरु है मात पिता
एक गुरु गोविंद
उसके बाद है जग सारा
दिया मुझे यह ज्ञान ,सो
गुरु मेरे अरविंद
गुरु पूर्णिमा शुभ हो

 


 

डूबने का डर था मुझको जब निराशा से,
डर रहा था मन मेरा जब,दुराशा से,
गुरु ज्ञान ने मुझको निकाला हर पिपासा से
नमन गुरु का कर रहा मैं,गहन आशा से

शुभ गुरु पूर्णिमा

 


 

गुरु है देव, गुरु है भक्ति
गुरु है प्रेम, गुरु ही शक्ति
गुरु का ज्ञान, गुरु ही तृप्ति
गुरु का साथ,तो संभव मुक्ति
हैप्पी गुरु पुर्णिमा

 


 

क्यों मानव का जन्म लिया?
इस जीवन का अर्थ है क्या?
लक्ष्य भाग्य ने क्या रखा?
गुरु जवाब इन प्रश्नों का.

गुरु पूर्णिमा मुबारक हो

 

 


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