Bura Waqt Shayari

 

Bura Waqt Shayari

Bura Waqt Shayari

Bura Waqt Shayari in Hindi and Bad Time Status

 

ए बुरे वक़्त !
ज़रा “अदब” से पेश आ !!
“वक़्त” ही कितना लगता है
“वक़्त” बदलने में

 

बुरा हो वक्त तो सब आजमाने लगते हैं,
बड़ो को छोटे भी आँखे दिखाने लगते हैं,
नये अमीरों के घर भूल कर भी मत जाना,
हर के चीज की कीमत बताने लगते हैं

 

बुरा वक्त आपको जिन्दगी के
उन सभी सच से सामना करवाता हैं,
जिनका आपको अच्छे समय में
कभी भी ख्याल नहीं आता हैं

 

न जाने क्यों वक़्त इस तरह गुजर जाता है,
जो वक़्त बुरा है वो पलट के सामने आता है,
और जिस वक़्त को हम दिल से पाना चाहते हैं,
वो तो बस एक लम्हा बनकर बीत जाता है।

 

आँखों के परदे भी नम हो गये हैं,
बातों के सिलसिले भी कम हो गये हैं,
पता नहीं गलती किसकी हैं…
वक्त बुरा है या बुरे हम हो गये हैं

 

बुरे वक्त ने भी मेरे साथ,
एक अच्छा काम किया,
जब मैं टूट कर बिखरने वाला था
तो एक अच्छे इंसान से मिलवा दिया

 

कुछ पल का बुरा वक्त
जिंदगी भर याद रह जाता हैं
चाहे कितनी भी खुशिया आ जाये
बुरा पल हमेशा याद रहता हैं।

 

किसी की मजबूरियों पर मत हँसिये,
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नही लाता,
डरिए वक्त की मार से क्योकि
बुरा वक्त किसी को बताकर नही आता

 

ये वक़्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है।

 

आता है बुरा वक़्त, तो उजाले भी डराने लगते हैं ,
यारो चूहे भी शेर को, अपना दम दिखाने लगते हैं !
अब कहाँ हैं वो लोग जो होते थे शरीक हर ग़म में,
अब तो दिल ही दिल, लोग खुशियां मनाने लगते हैं !

 

 

Bura Waqt Status | Bad Time Status in Hindi

 

 

बुरे वक्त की मार से कोई नहीं बच पाया हैं,
इसलिए दिल के दर्द को होठों के मुस्कान से छिपाया हैं

 

मेरे लफ्जों में अभी जान नहीं है,
मेरे बुरे वक्त की बस यहीं एक पहचान हैं

 

बुरे वक्त में दिल को सम्भाल के रखिए,
जज्बातों में ज्यादा उबाल मत रखिए

 

बुरा वक्त तजुर्बा तो देता है,
पर मासूमियत छीन लेता हैं

 

मेरे साथ बैठ कर वक़्त भी रोया एक दिन,
बोला बन्दा तू ठीक है मैं ही ख़राब चल रहा हूँ

 

ना तो तुम बुरे हो सनम, ना ही हम बुरे है,
कुछ किस्मत बुरी है, कुछ वक़्त बुरा है

 

बुरा वक़्त कभी भी बता कर नहीं आता,
पर सीखा कर बहुत कुछ जाता है।

 

कहते हैं बुरा वक़्त सबका आता हैं,
कोई निखर जाता हैं, कोई बिखर जाता हैं

 

लगता था ज़िन्दगी को बदलने में वक़्त लगेगा. . .
पर क्या पता था बदलता हुआ वक़्त ज़िन्दगी बदल देगा

 

वक़्त मेरी तबाही पे हँसता रहा
रंग तकदीर क्या क्या बदलती रही

 

जिन्दगी में अगर बुरे वक्त नही आते
तो अपनों में छुपे गैर,
और गैरों में छुपे हुए अपने
कभी नजर नही आते

 

 


 

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