Chanakya Quotes in Hindi

Kautilya or Chanakya was also known as Vishnu Gupta the author of Arthasastra Vishnu Gupta was given the name of Kautilya because he was of ‘Kutala’ or ‘Kutila gotra’, (sub-caste), Vishnu Gupta was called Chanakya because he, was born at Canaka, some believe that because he was son of Chanak, so he came to be known as Chanakya i.e., son of Chanak. Nothing authentic is known about the historicity of Kautilya except reference about his matchless statecraft which was a remarkable experiment in the ancient past”. Most of the details of the life of Kautilya (Kotelya) are uncertain and shrouded in myth and legend. Ancient Indian tradition describes him as a native of ‘Taxila’ (near Peshawar in modern Pakistan) who had journeyed to Pataliputra (Patna) Capital of Nanda-empire in search of recognition. There are lots of Chanakya quotes in Hindi on the internet which are being followed everywhere in the world.

Chanakya Quotes in Hindi Fonts Language

Chanakya Quotes in Hindi

Chanakya Quotes in Hindi Font Language

 

  • विद्या को चोर भी नहीं चुरा सकता।

 

  • मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।

 

  • ऋण, शत्रु और रोग को समाप्त कर देना चाहिए।

 

  • आलसी मनुष्य का वर्तमान और भविष्य नही होता.

 

  • बुद्धि से पैसा कमाया जा सकता है,पैसे से बुद्धि नहीं.

 

  • सत्य भी यदि अनुचित है तो उसे नहीं कहना चाहिए।

 

  • शत्रु की दुर्बलता जानने तक उसे अपना मित्र बनाए रखें।

 

  • आदमी अपने जन्म से नहीं अपने कर्मों से महान होता है।

 

  • बुद्धिहीन व्यक्ति पिशाच अर्थात दुष्ट के सिवाय कुछ नहीं है।

 

  • जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।

 

  • दण्ड का डर नहीं होने से लोग गलत कार्य करने लग जाते है.

 

  • कोई भी व्यक्ति अपने कार्यो से महान होता है, अपने जन्म से नहीं.

 

  • अगर सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए.

 

  • जैसे ही भय आपके करीब आये, उसपर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये.

 

  • पक्ष अथवा विपक्ष में साक्षी देने वाला न तो किसी का भला करता है, न बुरा।

 

  • बहुत से गुणो के होने के बाद भी सिर्फ एक दोष सब कुछ नष्ट कर सकता है.

 

  • अगर कुबेर भी अपनी आय से ज्यादा खर्च करने लगे तो वह भी कंगाल हो जायेगा.

 

  • सबसे बड़ा गुरु मंत्र, अपने राज किसी को भी मत बताओ। ये तुम्हे खत्म कर देगा।

 

  • जो तुम्हारी बात को सुनते हुए इधर-उधर देखे उस आदमी पर कभी भी विश्वास न करे.

 

  • जब कार्यों की अधिकता हो, तब उस कार्य को पहले करें, जिससे अधिक फल प्राप्त होता है।

 

  • दूसरो की गलतियो से सीखो अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने पर तुम्हारी आयु कम पड़ जायेंगी

 

प्रेरणादायक चाणक्य नीति कोट्स स्टेटस | चाणक्य के अनमोल विचार

चाणक्य कोट्स

चाणक्य कोट्स

 

  • भगवान मूर्तियो मे नही बसता बल्कि आपकी अनुभूति ही आपका ईश्वर है और आत्मा आपका मंदिर.

 

  • किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना.

 

  • भाग्य उनका साथ देता है जो कठिन परिस्थितयो का सामना करके भी अपने लक्ष्य के प्रति ढृढ रहते है.

 

  • फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है. लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है.

 

  • वन की अग्नि चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है अर्थात दुष्ट व्यक्ति किसी का भी अहित कर सकते है।

 

  • हंस वही रहते है जहा पानी हो, और वो जगह छोड़ देते है जहा पानी खत्म हो गया हो. क्यू ना ऐसा इंसान भी करे

 

  • गरीब धन की इच्छा करता है, पशु बोलने योग्य होने की, आदमी स्वर्ग की इच्छा करते हैं और धार्मिक लोग मोक्ष की।

 

  • कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों. ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी.

 

  • सर्प, नृप, शेर, डंक मारने वाले ततैया, छोटे बच्चे, दूसरों के कुत्तों, और एक मूर्ख: इन सातों को नीद से नहीं उठाना चाहिए.

 

  • शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है. एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है. शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है.

 

  • हर एक दोस्ती के पीछे अपना खुदका का स्वार्थ छिपा होता है, स्वार्थ के बिना कभी कोई दोस्ती नहीं होती. ये एक कटु सत्य है.

 

  • ये मत सोचो की प्यार और लगाव एक ही चीज है। दोनों एक दूसरे के दुश्मन हैं। ये लगाव ही है जो प्यार को खत्म कर देता है।

 

  • जमा पूंजी ये होने वाले खर्चो में से ही बचायी जाती है वैसे ही जैसे आनेवाल ताजा पानी, निष्क्रिय पानी को बहाकर बचाया जाता है.

 

SeeDr. Abdul Kalam Sir Quotes

 

  • एक इंसान कभी इमानदार नहीं हो सकता. सीधे पेड़ हमेशा पहले काटे जाते है और इमानदार लोग पहले ही ढीले (मरियल) होते है.

 

  • जैसे एक बछड़ा हज़ारो गायों के झुंड मे अपनी माँ के पीछे चलता है। उसी प्रकार आदमी के अच्छे और बुरे कर्म उसके पीछे चलते हैं।

 

  • अपमानित हो के जीने से अच्छा मरना है. मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है, लेकिन अपमान हर दिन जीवन में दुःख लाता है.

 

  • जो गुजर गया उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतिंत होना चाहिए। समझदार लोग केवल वर्तमान में ही जीते हैं।

 

  • संतुलित दिमाग जैसी कोई सादगी नहीं है, संतोष जैसा कोई सुख नहीं है, लोभ जैसी कोई बीमारी नहीं है, और दया जैसा कोई पुण्य नहीं है.

 

  • जब कोई सजा थोड़े मुआवजे के साथ दी जाती है, तब वह लोगो को नेकी करने के लिए निष्टावान एवम पैसे और ख़ुशी कमाने के लिए प्रेरित करती है.

 

  • जब आप किसी काम की शुरुआत करें, तो असफलता से मत डरें और उस काम को ना छोड़ें. जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं वो सबसे प्रसन्न होते हैं.

 

  • एक समझदार आदमी को सारस की तरह होश से काम लेना चाहिए और जगह, वक्त और अपनी योग्यता को समझते हुए अपने कार्य को सिद्ध करना चाहिए।

 

  • एक बिगड़ैल गाय सौ कुत्तों से ज्यादा श्रेष्ठ है। अर्थात एक विपरीत स्वाभाव का परम हितैषी व्यक्ति, उन सौ लोगों से श्रेष्ठ है जो आपकी चापलूसी करते है।

 

  • व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है; और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है; और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है.

 

  • इस बात को व्यक्त मत होने दीजिये कि आपने क्या करने के लिए सोचा है, बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये और इस काम को करने के लिए दृढ रहिये.

 

  • यदि किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है ? यदि आदमी के पास प्रसिद्धि है तो भला उसे और किसी श्रृंगार की क्या आवश्यकता है.

 

  • जब तक आपका शरीर स्वस्थ और नियंत्रण में है और मृत्यु दूर है, अपनी आत्मा को बचाने कि कोशिश कीजिये; जब मृत्यु सर पर आजायेगी तब आप क्या कर पाएंगे?

 

  • वह जो हमारे चिंतन में रहता है वह करीब है, भले ही वास्तविकता में वह बहुत दूर ही क्यों ना हो; लेकिन जो हमारे ह्रदय में नहीं है वो करीब होते हुए भी बहुत दूर होता है.

 

  • एक राजा की ताकत उसकी शक्तिशाली भुजाओं में होती है। ब्राह्मण की ताकत उसके आध्यात्मिक ज्ञान में और एक औरत की ताक़त उसकी खूबसूरती, यौवन और मधुर वाणी में होती है।

 

  • वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.

 

  • जो लोगो पर कठोर से कठोर सजा को लागू करता है वो लोगो की नजर में घिनौना बनता जाता है, जबकि नरम सजा लागू करता है वह तुच्छ बनता है. लेकिन जो योग्य सजा को लागू करता है वह सम्माननीय कहलाता है.

 

  • पहले पांच सालों में अपने बच्चे को बड़े प्यार से रखिये. अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखिये. जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ एक मित्र की तरह व्यवहार करिए. आपके वयस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र हैं.

 

  • कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयं से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढिए.

 

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